योग गुरु बाबा रामदेव ने गृह मंत्री अमित शाह के नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (एनआरसी) पर संसद में दिए बयान की प्रशंसा की। उन्होंने गुरुवार को न्यूज एजेंसी से कहा, “एनआरसी राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखने के लिए हितकारी है। इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। यदि एक भी व्यक्ति भारत में अवैध तरीके से रहता है तो वह राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की अखंडता के लिए खतरा है।''
उन्होंने कहा, ''हमें अपने देश की सुरक्षा अवश्य करनी चाहिए। एनआरसी इसके लिए फायदेमंद साबित होगा। यह सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा नहीं है इसलिए इसे राजनीति से परे रखना चाहिए।”
शाह ने कहा- एनआरसी की प्रक्रिया पूरे देश में होगी
इससे पहले, बुधवार को शाह ने संसद में कहा था, “एनआरसी की प्रक्रिया पूरे देश में होगी। किसी को भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। भले ही वो किसी भी धर्म का हो। यह केवल सभी को एनआरसी के तहत लाने की प्रक्रिया है। जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं आया है, उन्हें ट्रिब्यूनल के पास जाने का पूरा हक है।”
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था, “एनआरसी को किसी भी हालत में राज्य में लागू नहीं किया जाएगा। यह बात सभी को ध्यान में रखना चाहिए। इसे लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है।
असम में एनआरसी से 19 लाख लोगों के नाम नहीं
31 अगस्त को असम में एनआरसी की फाइनल लिस्ट जारी की गई थी। इस लिस्ट में 3.11 करोड़ लोगों का नाम शामिल था। इसमें 19 लाख लोगों का नाम शामिल नहीं किया गया था। हालांकि, असम में ट्रिब्यूनल का गठन किया गया है। जिनके नाम लिस्ट में नहीं हैं, वो यहां अपील कर सकेंगे। जो लोग ट्रिब्यूनल के लिए कानूनी मदद की व्यवस्था करने में असमर्थ हैं, उन्हें असम सरकार वकील मुहैया करवाएगी