सीतारामन ने राज्यों को जीएस टी पर आश्वासन दिया


केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने राज्यों को आश्वासन दिया है कि केंद्र वस्तु और सेवाकर- जीएसटी मुआवजों के वायदे से पीछे नहीं हटेगा। भारत आर्थिक सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए श्रीमती सीतारामन ने कहा कि वसूली में कमी के कारण धनराशि जारी करने में देरी हुई और राज्यों को इस बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण जीएसटी दाखिल न हो पाने और उपभोग में गिरावट के कारण जीएसटी वसूली में कमी आई है।

वित्तमंत्री ने कहा कि प्रत्येक राज्य और केंद्र के राजस्व विभाग को जीएसटी वसूली में सुधार  के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास करने होंगे। हालांकि उन्होंने इस बात का खंडन किया कि सरकार जीएसटी की दरों में कटौती करने पर विचार कर रही है। आसान निष्कर्ष उपलब्ध कराने वाली त्रुटिपूर्ण आंकड़ा प्रणालियों के इस्तेमाल से जुड़े आरोपों पर वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार आंकड़ों की विश्वसनीयता सुधारने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद, महंगाई और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर बारीकी से ध्यान दिया जा रहा है।

श्रीमती सीतारामन ने कहा कि राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग तथा सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय उन सरकारी एजेंसियों में शामिल हैं, जो इस मुद्दे पर काम कर रहे हैं।
इस बीच, छात्र आंदोलन में जेहादी, माओवादी और अलगाववादी तत्वों की घुसपैठ के खिलाफ आगाह करते हुए श्रीमती सीतारामन ने विश्वविद्यालयों में ऐसे गुटों को समर्थन देने के लिए कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया।

उन्होंने कहा कि भारत की एकता को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यह सुनिश्चित करने के उपाय किए जा रहे हैं कि देश और अर्थव्यवस्था आगे बढ़े और इसका लाभ सभी लोगों तक पहुंचे